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इस दिल में जो तूफ़ान है
उस तूफ़ान में कहीं कुछ मिट गया है
धडकनों का ऐसा शोर हुआ की
गरजता बादल आज सिमट गया है
दिल के तारों का कहना क्या, उनमे कभी भी होती है राग
पर यह दिल ही है आज ....जो उगल रहा है यह आग
गरम साँसे आज देती है गवाही कुछ अनहोनी होने का
सिसकियों की चादर ने ढाका है यूँ दिल के रोने का
बात इतनी सी होती तो शायद यूँ कोहराम न मचता बाज़ार में
नाम होता हमारा तो बदनाम न होते तेरे प्यार में
जिस्म पिघलाके मेरा रूह कहीं तो रह गया है तुम्हारे पास
प्यार आज खो गया है पर छोड़ गया है प्यार का एहसास
उस रूह को तुमने भी कहीं बाँध के रखा है किसी कोने में
मेरे रूह की नमी तभी दिखती है कभी कभी तेरे रोने में
जहां छोटा नहीं है पर तू कभी भी नहीं जा सकी मुझसे दूर
तेरे प्यार की गहराई.....इतनी? की आज फासले भी हैं मजबूर |
जाना चाहती हो? बेशक जाओ पर लौटा दो वो सारी यादें
पुरे न कर सकी जो तुम.....मुझे याद दिला दो वो वादें ;
उम्मीद मुझे है और शायद कहीं है मुझे यकीन भी
तेरी बे रुखी पे आज थोड़े झुक गयी है ज़मीन भी |
भादों का यह आना बिन बुलाएं प्यारे सावन के मौसम में
जैसे कहीं दाखिल होना बावल का कोई मखमली गुलफाम में ;
इस जुदाई के भादों को तुम पहना दो आज बादल का जोड़ा
झूठा ही सही....लगेगा मुझे की कहीं सावन ने दिल है तोडा |
सुकून मुझे मिलेगा जब तुम भी बहायोगी आंसूं करके इंतज़ार
पर बाद-दुआ भी कैसे करून मैं जब की अभी भी कहीं बचा है प्यार ?
मेला सा कहीं दिख तो रहा है पर कहीं कोई शोर नहीं हैं
अकेला हूँ बस अकेला मैं ....तू नहीं तो कोई और नहीं हैं |
वीरान जहाँ को फिर भी मैं करूंगा फिर से चाहतों से आबाद
नहीं होने दूंगा किसी बेवफा के प्यार में एक और आशिक को बर्बाद |
तुमने शायद सोचा की जाते जाते ले जाओगी तुम सारे रंग
सच है थोडा बहुत मगर हम सफेदी में भी ढूंढ लेंगे उमंग |
मेरे आंसूं से कैसे निखरेगी तुम्हारे हाथों की मेहँदी
अरमानो के खून में चमकेंगे कैसे सोने और चांदी?
दिख रहा है मुझे तुम्हारी बिखरी हुई ज़िन्दगी मेरे बिना
पर सच है कहीं की अपनी खुशिओं को तुमने खुद ही छीना |
सेहरा सजाऊंगा मैं तुम्हारे सफ़ेद होंगे उनमे हर एक फूल
तुम थी कभी कहीं ......आसानी से मैं जाऊँगा भूल |
दुआ है मेरी ऊपर वाले से की दे तुझे दस गुना यादाश्त
भुला न पाए मुझे हो न तुझसे दर्द बर्दाश्त!!!!
मैं तुझे भुला दू और फिर कभी भी न करून तेरा अरमान
पर मेरे प्यार में अटकी रहे साथ जन्मो तक तेरी जान |
सहम के , सिसक के कभी जब तू आयेगी कभी मेरे दर
देखेगा तेरी हार ...मेरी हसीं उड़ाता यह शहर
Remember a broken heart is more dangerous and disastrous than a nuclear bomb!!!!!
Kalyan
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