Sunday, May 29, 2011

Phir bhi mujhe pyaas hai (Still yearning for you..)

The story of love is incomplete without an element of melanchony and lament. Love stories, probably, have the most number of flavors due to the plethora of emotions that can be actually conveyed by means of them. A love story is not a formula, but is a pallette on which an artist can mix many colors and bring out new images thereof from them. People say that in love there is no victory or defeat. However, what I feel that love is never made to achieve anything. It is a function of constant desire Vs the eternal conscience that actually lies beneath. It is both material and divine. It is supernatural and sublime. It is dramatic and practical. The poem below presents an excerpt of such a love story which never ended but probably just stopped.....possibly to start again...with a new lease of life.



दरख्तों पर फूटे फूल पर
ओस के बूंदों का एहसास है ......
मैं आज भी खड़ा हूँ उस पेड़ के निचे
की तेरी मुझे आज भी प्यास है .....

पर कटे कहीं मेरे पर
आसमान नीला फिर भी पुकारे
तुम शायद कहीं दूर हो मगर
ज़हन में अभी भी ख्याल तुम्हारे
दस्तक देते है क्यों यादें ...किसकी उन्हें तलाश है
शायद कहीं न कहीं मुझे अभी भी तेरी प्यास है.

लम्हों को मैं जिया सही पर
वक़्त के रेत को फिसलना था
कहीं होके तुझसे जुदा
इस पत्थर दिल को पिघलना था
मानाने पर भी माना नहीं ..दिल ये मेरा बदमाश है
"चुप रहो" कहूं मैं इसे...पर फिर भी तेरी प्यास है ....

बंजर ज़मीन है और कहीं
सुखा मेरा अम्बर भी है ....
इश्क के तपिश में कहीं
डोला ऐतबार भी है
भरोसा मुझे है कहीं के तू अब भी मेरे पास है
इसीलिए शायद कहीं आज भी तेरी प्यास है .....

ज़ख्मो पर मलहम लगे
तो ज़ख्म भी रो पड़ते है
के मलहम भी कहीं मेरे
ज़क्मो पर मोती जड़ते हैं
उन मोती पर कहीं तेरे अक्स का एहसास है
पास नहीं मेरे तू पर फिर भी मुझे प्यास है ......

Love may stop....a love story may take a pause....but the thirst still remains.

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